जिन्दगी कैसी है पहेली हाय
कभी तो हँसाये कभी तो रुलाए
कभी देखो मन नहीं चाहे
पीछे पीछे सपनो के भागे
एक दिन सपनो का यही,
चला जाए सपनो के आगे कहाँ
जिन्होंने सजाये यहाँ मेले,
सुख दुःख संग संग झेले
वही चुनकर ख़ामोशी,
यूँ ही चले गये अकेले कहाँ
जिन्दगी कैसी है पहेली हाय
कभी तो हँसाये कभी तो रुलाए
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5 years ago

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