Saturday, October 30, 2010

प्यारा सूरज

सवेरे-सवेरे सूरज को देखना। अच्छा लगता है उससे भी अच्छा लगता है उसके आस पास की लालिमा भरी छठा को देखना। मेरा गाँव गंगा के किनारे है।

अक्सर
अपने गाँव जाता हूँ तो सवेरे -सवेरे सूरज को देख कर लगता है जैसे सवेरे होते ही सूरज मां गंगा को प्रणाम करने आ गया हो । इस धरती पर तुलसी के अलावा कमलेशवर और अदम गोंडवी जैसे ज्ञानियों ने जन्म लिया।

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